गिरीश जोशी (सम्पादक ),सीमा शुक्ला(सह सम्पादक )-त्वरित न्यूज़
रायपुर -
लता उसेण्डी का जन्म 1 मई1974 को ग्राम धौडाई में हुआ था , उन्होंने स्नातक की शिक्षा ग्रहण की है ,सरल और सहज व्यक्तित्व की धनी लता का रुझान शुरू से ही राजनीति की ओर था , उनके पिता स्व. मंगलराम उसेण्डी भी विधायक रह चुके है ,अपने राजनीतिक जीवन की शुरुवात में वे 1998 में कांकेर भाजपा मंडल मंत्री रह चुकी हैं ,
लता उसेण्डी ने अपने जीवन का पहला चुनाव 1999 में मात्र 26 वर्ष की आयु में पार्षद का लड़ा था और उसमें वे निर्वाचित हुई थी ,वर्ष 2002 में उन्हें पार्टी द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए कोंडागांव भाजपा महिला मोर्चा के अध्यक्ष बनाया गया ,और 29 वर्ष की आयु में 2003 में पहली बार विधायक निर्वाचित हुई थी ,उनकी कार्यकुशलता और सांगठनिक कार्य क्षमता को देखते हुए भाजपा संगठन द्वारा उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया ,साथ ही जब उन्हें मंत्री पद का दायित्व दिया गया तब उनकी उम्र मात्र 31 वर्ष थी , 2008 में भी उन्होंने चुनाव जीता था और वे मंत्री बनी थी , 2013 और 2018 का चुनाव वो काफी कम अंतर से हार गई थी , जब वे चुनाव हार गई थी तो भी उनकी कार्यशैली और उनकी जमीनी पकड़ को देखते हुए भाजपा संगठन द्वारा उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से नवाजा गया ,वे राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और नागरिक आपूर्ति निगम की अध्यक्ष भी रही , साथ ही संगठन में भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर बनी रही ,वर्तमान में वे भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं ! भाजपा ने कोंडागांव विधान सभा सीट से उन्हें पांचवीं बार प्रत्याशी बनाया था ,
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की. वहीं, कोंडागांव विधानसभा सीट (Kondagaon assembly seat) पर कड़ा मुकाबला हुआ. यहां मुख्य मुकाबला दो कद्दावर नेताओं के बीच था. यहां कांग्रेस प्रत्याशी मोहन मरकाम ( Congress candidate Mohan Markam) और भाजपा प्रत्याशी लता उसेंडी टकराए. कोंडागांव में लता उसेंडी ने मोहन मरकाम को 18572 वोटों से हराया. बता दें कि छत्तीसगढ़ की कोंडागांव सीट की बात करें तो यहां से आदिवासी नेता मोहन मरकाम दो बार से जीत हासिल कर रहे थे. वह जून 2019 से जुलाई 2023 तक छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे. वह भूपेश सरकार में मंत्री भी थे. हालांकि, लता उसेंडी ने मोहन मरकाम को हरा दिया है. जिसके बाद लता उसेंडी की जीत बड़ी रही. यहां तक कि राज्य के अगले सीएम के लिए लता उसेंडी का नाम भी सामने आ रहा है.

लता उसेंडी की बात करें तो वह आदिवासी समुदाय से आती हैं. वह पहले भी मंत्री रह चुकी हैं और इसी सीट से विधानसभा चुनाव भी जीत चुकी हैं. ट्राइबल स्टेट में भारतीय जनता पार्टी एक आदिवासी और एक महिला नेत्री को सीएम बनाकर नया प्रयोग कर सकती है क्योंकि बीजेपी नए प्रयोग करने में माहिर है. ऐसा हम पहले भी देख चुके हैं. साथ ही राष्ट्रीय नेतृत्व भी लता उसेंडी की अहमियत समझता है,
नड्डा की टीम में लता उसेंडी को मिली थी जगह
आपको बता दें कि इसी साल जब जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की नई टीम की घोषणा की गई थी. जिसमें कुल 37 नेताओं में से छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था. जिन तीन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), राज्यसभा सांसद सरोज पांडे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) और पूर्व मंत्री लता उसेंडी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) का नाम शामिल था. लता उसेंडी को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था.
खास बात ये है कि अगर लता उसेंडी छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री बनती हैं तो वो राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनेंगी. साथ ही साथ वर्तमान में देश में बीजेपी की कई राज्यों में सरकार हैं, लेकिन किसी भी राज्य में बीजेपी की महिला मुख्यमंत्री नहीं है. वैसे वहीं अगर भाजपा की बात करें तो इससे पहले बीजेपी की सुषमा स्वराज (दिल्ली), उमा भारती (मध्य प्रदेश), वसुंधरा राजे (राजस्थान) और आनंदीबेन पटेल (गुजरात) मुख्यमंत्री रह चुकी हैं.

